यह प्रश्न एक गंभीर चुनौती के रूप में भारतीय जन -मानस को आंदोलित करता रहा है l ज्योतिष शास्त्र के मनीषी आचार्यो ने प्राचीन काल में ही इस प्रश्न का भली भाँति विचार किया था और उन्होंने सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए उपयुक्त वर -वधु का चुनाव
वास्तव में जितने भी आध्यात्मिक और धार्मिक भाव है वे सब सर्वप्रथम परावाणी के रूप में आविभूर्त होते है I आवश्यकतानुसार वे भाव पश्यन्ति वाणी में सूक्ष्मतम से सूक्ष्मतम तरंगो में परिवर्तित होते है I फिर वे ही तरंगे सात स्वरों के रूप में प्रकट होती हैमध्यमा वाणी में I उन सात स्वरों का संबंध सप्तऋषि मंडल से बतलाया गया है I मध्यमा वाणी में परिवर्तित होकर आने वाले सातो स्वर विभिन्न प्रकार के विचारो के रूप में परिवर्तित होते है और वे ही विचार बैखरी वाणी के रूप में हो जाते है परिवर्तित I बैखरी वाणी के रूप में बाहर निकलने वाले शब्दाक्षर बिना स्वर का आश्रय लिए प्रकट नहीं हो सकते I इसलिए स्वर प्रधान है I
जोश और उत्साह भर देता है I धनकुबेर की बात करते समय दिमाग में हमेशा यह बात रहती है कि इसे हासिल करनेवाले ने अपने हिसाब से जीवन को ऐसे ढर्रे पर ढाला
Among the upasakas Paramasive is the prime devotee
कभी भी टूट सकता है लेकिन टूटता नहीं I मजबूत से मजबूत जंजीर बन गया है I एक तरफ से टूटता है तो हम दूसरी तरफ से संभाल लेते है
Understanding Astrology [English] 9788170821700 यह प्रश्न एक गंभीर चुनौतीAstrology is the Science that investigates the action and reaction existing between the Heavenly bodies and the rest of manifested Nature, including Man Astrology reveals the Laws under which this takes place. It teaches One Law, One Life, in varying forms that are the manifestation of the One Universal Spirit. It enables Man to know himself, to grapple with his nature. It enables him to make the most of his abilities. It further affords him a clue to